West Bengal Election: चुनाव आयोग ने बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष के चुनाव प्रचार पर लगाई 24 घंटे की रोक

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। चुनाव आयोग ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने की वजह से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष पर 24 घंटे के लिए चुनावी प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। घोष पर कथित भड़काऊ सार्वजनिक बयान देने के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है।

चुनाव आयोग उनकी ओर से पेश किए गए जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और इसने दिलीप घोष पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए यह कार्रवाई की है। आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने घोष को कड़ी चेतावनी दी है और उन्हें आदर्श आचार संहिता लागू होने के दौरान सार्वजनिक टिप्पणी करते समय इस तरह के बयान देने से परहेज करने की सलाह दी गई है।

घोष को इस तरह की टिप्पणी करने से रोकने के लिए चेतावनी देने के अलावा उन पर चुनावी प्रचार की रोक गुरुवार शाम 7 बजे से लागू हो गई है और यह शुक्रवार शाम 7 बजे तक प्रभावी रहेगी।

दिलीप घोष पर यह कार्रवाई सितलकूची मामले को लेकर दिए गए बयान की वजह से हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कई अन्य जगहों पर भी इस तरह की घटनाएं होंगी। गौरतलब है कि कूचबिहार के सितलकूची में चौथे चरण के मतदान के दौरान एक बूथ पर हिंसा में चार लोग मारे गए थे। सीआईएसएफ और चुनाव आयोग के मुताबिक, भीड़ के हमले के बाद सुरक्षाबलों को गोली चलानी पड़ी थी। तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि दिलीप घोष पर कार्रवाई की जाए। 

बता दें कि चुनाव आयोग ने 13 अप्रैल को दिलीप घोष के एक भड़काऊ बयान को लेकर नोटिस भेजा था। घोष ने अपने जवाब में कहा था कि आदर्श आचार संहिता और जनप्रतिनिधि अधिनियम/भारतीय दंड संहिता के उल्लंघन वाला कोई भी बयान देना उनका उद्देश्य कभी नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्य में सावधान रहेंगे। हालांकि उनके इस स्पष्टीकरण से चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं हुआ और इसने उन पर चुनावी प्रचार की रोक लगा दी।

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Election Commission Imposes A 24hour Ban On West Bengal Bjp Chief Dilip Ghosh For Violation Of Model Code Of Conduct
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West Bengal Election: कोलकाता सहित 40 सीटों के लिए विशेष अभियान शुरू कर रही भाजपा    

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए अभियान की शुरुआत कर रही है, जो ग्रेटर कोलकाता क्षेत्र में फैली 40 सीटों पर केंद्रित है, जिसे प्रेसिडेंशियल एरिया भी कहा जाता है। भाजपा मतदाताओं को विशेष रूप से क्षेत्र और राज्य के लिए अपने दृष्टिकोण के बारे में बताने के लिए इस विशेष अभियान को शुरू कर रही है। यही नहीं, पार्टी उनका समर्थन प्राप्त करने के लिए पेशेवरों (प्रोफेशनल) से भी संपर्क कर रही है।

पश्चिम बंगाल के एक भाजपा नेता के अनुसार, अभियान को कोलकाता शहर के सामने शासन और बुनियादी ढांचे से संबंधित कई मुद्दों को प्रकाश में लाने के साथ ही शहरी क्षेत्र की अनूठी विशेषताओं को उजागर करने के लिए डिजाइन किया गया है। पार्टी कोलकाता और उसके आसपास बड़े पैमाने पर सार्वजनिक आउटरीच अभियान शुरू करेगी, जिसमें भगवा पार्टी डॉक्टरों, वकीलों और अन्य पेशेवरों तक पहुंच स्थापित करेगी।

भाजपा के एक नेता ने कहा, पार्टी के विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेता कोलकाता में रहने वाले विभिन्न समुदायों तक पहुंचेंगे, ताकि उनके साथ कोलकाता और विशेष रूप से राज्य के लिए भाजपा के दृष्टिकोण को साझा किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रभावी रूप से आम जनता तक पहुंचने और लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, यह अभियान शाम को उन क्षेत्रों में आयोजित होगा, जहां लोग आसानी से पहुंच सकेंगे। भाजपा नेता ने बताय कि इसे हाउसिंग सोसायटी से लेकर सामुदायिक केंद्रों और अन्य ऐसे स्थान, जहां आसानी से पहुंचा जा सके, आयोजित किया जाएगा।

नंदीग्राम के भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल इकाई के सह प्रभारी अमित मालवीय ने डॉक्टरों के साथ एक बैठक की। मालवीय ने डॉक्टरों से मुलाकात के बाद एक ट्वीट में यह जानकारी दी है। उन्होंने इस ट्वीट में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डॉक्टरों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका है और अब वह समय है, जब उन्हें अपने पेशेवर काम से परे आगे आने की जरूरत है।

2009 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने युवाओं और पेशेवरों तक पहुंचने के लिए एक अलग समूह फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी का गठन किया था। समूह को राजनीतिक प्रक्रिया के साथ युवाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी उस समय पार्टी के कोषाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के दिमाग की उपज थी। 2014 में समूह को पुनर्जीवित किया गया और पार्टी के मिशन 272 प्लस अभियान के हिस्से के रूप में इसी तरह का अभियान चलाया गया। पार्टी के एक नेता ने कहा, 2019 के आम चुनावों में स्वयंसेवक और पेशेवर, जिन्होंने गतिविधियों में भाग लिया था, वे भाजपा से नहीं थे मगर वह भाजपा की ओर झुक गए थे।

भाजपा नेता कोलकाता के लिए पार्टी के दृष्टिकोण के बारे में मतदाताओं और पेशेवरों को समझाएंगे। भाजपा नेता ने कहा, कोलकाता को राज्य और पूरे पूर्वी भारत के विकास का इंजन बनाना हमारा विजन है। हम विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण करने, अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, स्वच्छता सुनिश्चित करने और एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करके कोलकाता के लिए असली परिवर्तन लेकर लाएंगे।

एक अन्य भाजपा नेता ने कहा कि भगवा पार्टी का मानना है कि कोलकाता भारत की सांस्कृतिक राजधानी है और इसने हमेशा साहित्य, आध्यात्मिकता, संगीत और सिनेमा की उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता भारत के इतिहास में कई महत्वपूर्ण आंदोलनों का घरेलू मैदान रहा है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अतीत की राज्य सरकारों द्वारा उपेक्षा के कारण, शहर और इसके लोग कई मोचरें पर कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिसमें जर्जर होता बुनियादी ढांचा, अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं, आर्थिक विकास की कमी और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएं शामिल हैं।

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BJP launching special campaign for Kolkata and 40 adjoining seats
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बंगाल चुनाव: आयोग ने ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार करने पर 24 घंटे का बैन लगाया,  विरोध में धरने पर बैठेंगी सीएम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने भड़काऊ बयानबाजी और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 24 घंटे तक किसी भी तरह के प्रचार करने से रोक दिया है। भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को यह सूचना जारी की है। यह रोक सोमवार रात 8 बजे से शुरू हो गई।

दरअसल, ममता बनर्जी ने बीते दिनों एक चुनावी रैली में अल्पसंख्यकों से वोट न बंटने देने की अपील की थी। उन्होंने भाषण के दौरान शैतान, मीर जाफर जैसे शब्द भी बोले थे। जिस पर ममता बनर्जी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की दर्ज हुई शिकायत पर आयोग ने सात अप्रैल को नोटिस जारी किया था। ममता बनर्जी की ओर से उपलब्ध कराए गए जवाब से चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं हुआ। आयोग ने ममता बनर्जी पर लगे आरोपों की जांच की तो मामला सही पाया गया। जिस पर ममता बनर्जी को 12 अप्रैल की रात आठ बजे से 13 अप्रैल की रात आठ बजे तक किसी भी तरह के चुनाव प्रचार से आयोग ने प्रतिबंधित करने का फैसला किया है। 

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी से भविष्य में भड़काऊ और आदर्श आचार संहिता को चोट पहुंचाने वाले बयानों से बचने की नसीहत भी दी है।  वहीं, चुनाव आयोग के इस फैसले को ममता ने अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक बताया है। उन्होंने कहा कि वह चुनाव आयोग के इस अलोकतांत्रिक फैसले के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘भारतीय चुनाव आयोग के इस अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक फैसले के खिलाफ मैं कल (मंगलवार) कोलकाता में गांधी मूर्ति पर दोपहर 12 बजे से धरने पर बैठूंगी।’

इस बयान पर चुनाव आयोग को आपत्ति
ममता ने रायदिघी में की रैली में कहा था कि मैं मेरे अल्पसंख्यक भाइयों और बहनों से हाथ जोड़कर अपील करती हूं कि वे उन शैतानों की बात न सुनें, जिन्होंने BJP से पैसे लिए हैं। उनकी बात सुनकर अपने वोट न बंटने दें। वे हिंदुओं और मुस्लिमों को लड़ाने वाले सांप्रदायिक बयान देते हैं। वह BJP के भेजे दूत हैं। अगर BJP सत्ता में आई तो आप बड़े खतरे में पड़ जाएंगे।

ममता को चेतावनी के साथ सलाह भी दी
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। उनके भड़काऊ बयानों से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। साथ ही इनसे चुनाव प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आयोग ने ममता बनर्जी को सख्त चेतावनी के साथ सलाह दी है कि आचार संहिता लागू रहने के दौरान वे सार्वजनिक तौर पर इस तरह के बयान न दें।

ममता के निशाने पर है चुनाव आयोग
चौथे फेज की वोटिंग के दौरान कूचबिहार में फायरिंग में 4 लोगों की मौत के बाद चुनाव आयोग ने किसी भी नेता के जिले में जाने पर 72 घंटे की रोक लगा दी थी। इसके बाद से ममता लगातार इस मसले पर बयान दे रही हैं। ​​​​​दमदम में सोमवार को की रैली में ममता ने कहा कि मैं चुनाव आयोग से हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि सिर्फ भाजपा की न सुनें, सभी की सुनें। वह पक्षपाती न बनें।

इससे पहले रविवार को उन्होंने कहा था कि EC (इलेक्शन कमीशन) का नाम बदलकर MCC (मोदी कोड ऑफ कंडक्ट) कर देना चाहिए। BJP अपनी ताकत का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन दुनिया की कोई भी ताकत मुझे मेरे लोगों का साथ देने और उनका दुख बांटने से नहीं रोक सकती। वे मुझे 3 दिन तक कूच बिहार जाने से रोक सकते हैं, लेकिन मैं चौथे दिन वहां जाऊंगी।

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Bengal Election: Commission bans 24-hour ban on Mamata Banerjee campaigning
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कूचबिहार हिंसा: ममता बनर्जी पर बरसे अमित शाह, बोले 4 लोगों की मौत के लिए दीदी जिम्मेदार का भाषण

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चौथे चरण के दौरान कूचबिहार जिले के सीतलकूची में कल CISF की ओर से की गई फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद चुनाव आयोग ने सीआईएसएफ को क्लीन चिट दे दी है। वहीं अब इस घटना पर वार-पलटवार का सिलसिला शुरू हो गया है। 

बशीरहाट में गृहमंत्री ने अमित शाह ने कूचबिहार की घटना पर ममता बनर्जी को घेरा है। उन्होंने कहा कि, ‘उसी सीतलकुची सीट पर ममता दीदी ने कुछ दिन पहले भाषण दिया था कि CAPF वाले आए तो उन्हें घेर लो, उन पर हमला करो। मैं ममता दीदी से पूछना चाहता हूं कि क्या आपका वो भाषण उन 4 लोगों की मौत का जिम्मेदार नहीं है?

शाह ने ममता पर तुष्टिकरण और वोट की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, “बंगाल चुनाव के चौथे चरण में एक दुखद घटना हुई। जिस प्रकार से इस घटना का राजनीतिकरण किया जा रहा है ये बहुत दुखद है।

अमित शाह ने कहा, दीदी बखौलाई हुई है। हर रोज एक ही बात करती हैं, कि अमित शाह इस्तीफा दे दें। जनता कहेगी, तो इस्तीफा दे दूंगा, आप तैयार रखो, दो मई को आपको इस्तीफा दे दूंगा। बंगाल की जनता कहेगी, तो नत मस्तक से इस्तीफा दे दूंगा। लेकिन आपको तैयार रहना चाहिए क्योंकि आपको 2 मई को इस्तीफा देना होगा।

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Cooch Behar violence: Amit Shah said, Didi responsible for death of 4 people
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बंगाल चुनाव : चौथे चरण में हिंसक घटनाओं के बीच 76 फीसदी मतदान

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में शनिवार को विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में शाम पांच बजे तक 76.1 प्रतिशत तक अपेक्षाकृत कम मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के दौरान कूचबिहार जिले में पांच लोगों की मौत हो गई। कूच बिहार जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में कुल पांच लोग मारे गए। माथाभांगा ब्लॉक के शीतलकूची विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय बलों ने एक भीड़ पर गोलियां चला दीं, जिससे चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक ही निर्वाचन क्षेत्र में एक अन्य घटना में, पहली बार एक मतदाता मारा गया।

हालांकि पुलिस ने दावा किया है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने आत्मरक्षा में गोली चला दी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्टीकरण मांगा है और कहा है कि वह रविवार को उस गांव का दौरा करेंगी। हालांकि, चुनाव आयोग ने शनिवार शाम को एक नोट जारी किया कि वह मुख्यमंत्री की शीतलकूची की यात्रा की योजना को रोक सकता है।

ईसीआई ने कहा, कूच बिहार जिले में जहां मतदान हुआ, किसी भी राष्ट्रीय, राज्य या अन्य पार्टी के किसी भी राजनीतिक नेता को तत्काल प्रभाव से 72 घंटे तक जिले की भौगोलिक सीमाओं में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

शनिवार को मरने वाले चार लोगों की पहचान अमजद हुसैन (28), चालमू मियां (23), जोबेद अली (20) और नाम मिया (20) के रूप में हुई है। घटना में सात अन्य घायल हो गए, जिन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। वे सभी जोर पटकी गांव के निवासी हैं और बूथ नंबर 126 के मतदाता हैं, जहां यह घटना हुई।

घटना के बाद, चुनाव आयोग ने बूथ में मतदान स्थगित कर दिया और विशेष पर्यवेक्षकों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी एरीज आफताब से शनिवार शाम तक रिपोर्ट मांगी। प्रारंभिक रिपोटरें के अनुसार, जब एक बेकाबू भीड़ ने जोर पटकी गांव के आमेटली में बूथ संख्या 126 पर केंद्रीय बलों से आग्नेयास्त्रों को छीनने की कोशिश की, तो सीआईएसएफ कर्मियों ने आत्मरक्षा में गोली चला दी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई।

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Bengal election: 76 percent turnout in the fourth phase amid violent incidents
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बंगाल चुनाव : सोशल मीडिया पर मतदाताओं को लुभाने में जुटे राजनीतिक दल

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। कोविड प्रोटोकॉल और राजनीतिक रैलियों एवं कैंपेन पर लगाए गए प्रतिबंधों के बीच अब राजनीतिक दल खासकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सोशल मीडिया पर मोर्चा संभाल लिया है। दोनों पार्टियों ने विधानसभा चुनाव में जीत के लिए जमीनी स्तर से लेकर सोशल मीडिया पर भी पूरी ताकत झोंक रखी है।

सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच मजबूती से अपनी बात रखने के लिए केवल भाजपा या तृणमूल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि सीपीआई-एम और कांग्रेस भी पूरा जोर लगा रही हैं। पार्टियों ने अपने शीर्ष नेताओं के माध्यम से डिजिटल दुनिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए नए-नए विचार रखे हैं। सोशल मीडिया पर तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काफी एक्टिव हैं। वह पहले से ही न केवल फेसबुक और ट्विटर की नियमित यूजर रहीं हैं, बल्कि यहां वह सबसे लोकप्रिय चेहरा भी हैं। बनर्जी के फेसबुक पेज को लगभग 16 लाख लोगों ने लाइक कर रखा है और उनके ट्विटर हैंडल पर 52 लाख फॉलोअर्स हैं।

हालांकि बंगाल में भाजपा नेता इस मामले में बनर्जी से काफी पीछे हैं। भाजपा के राज्य प्रमुख दिलीप घोष के जहां 2.72 लाख फॉलोअर्स हैं, वहीं सुवेंदु अधिकारी के पास केवल 57.8 हजार फॉलोअर्स हैं। आक्रामक सोशल मीडिया अभियानों के महत्व को समझते हुए, तृणमूल कांग्रेस ने अपनी पार्टी की सोशल मीडिया रणनीति को बढ़ावा देने के लिए चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर को नियुक्त किया है और उनकी कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पार्टी के लिए अन्य अभियान भी चलाए हैं।

तृणमूल ने दीदी के बोलो (दीदी को बताओ) और बांग्लार गोरबो ममता (बंगाल की गौरव ममता) जैसे कई सोशल मीडिया प्रोग्राम लॉन्च किए हैं। पार्टी ने बांग्लार गोरबो ममता के लिए एक आधिकारिक ट्विटर हैंडल भी बनाया है। जहां हैशटैग बांग्लार गोरबो ममता के 1.35 लाख फॉलोअर्स हैं, वहीं तृणमूल के फेसबुक पेज पर 13,23,718 फॉलोअर्स हैं। बांग्लार गोरबो ममता के फेसबुक पेज पर 27 लाख से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने जहां प्रशांत किशोर की नियुक्ति की है, जिन्होंने पहले 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा के साथ काम किया था, वहीं अब भगवा पार्टी भी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हो चुकी है। पार्टी ने कैलाश विजयवर्गीय और अरविंद मेनन के साथ अपने आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय को राज्य के सह-प्रभारी के तौर पर नियुक्त किया है।तृणमूल का मुकाबला करने के लिए, भाजपा ने अपने स्वयं के सोशल मीडिया अभियान – आर नोई ओननेई (और अधिक अन्याय नहीं) और आर नोई ममता (ममता का कोई और शासन नहीं) लॉन्च किया है।

तृणमूल की ओर से जहां मुख्य रूप से ममता सरकार द्वारा की गई कल्याणकारी योजनाओं और विकास को लेकर ट्वीट किए जा रहे हैं, वहीं अमित मालवीय ने भी बंगाल पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। अब वह ज्यादातर ममता सरकार के तहत कथित कुशासन पर प्रकाश डालते हुए ट्वीट कर रहे हैं। भाजपा ने 5 दिसंबर को सोशल मीडिया अभियान आर नोई अन्नाय लॉन्च किया था और चुनाव खत्म होने से पहले एक करोड़ लोगों तक पहुंचने की उम्मीद भी जताई थी।

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Bengal Election: Political parties engaged in wooing voters on social media
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Assembly Elections 2021: शाम 5 बजे तक बंगाल में 77.68% और असम में 78.94% मतदान, महलापारा में TMC कैंडिडेट पर हमला, डायमंड हार्बर में भी बवाल

डिजिटल डेस्क, कोलकाता/गुवाहाटी। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की 475 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। इन सीटों पर 5,857 प्रत्याशी मैदान में हैं। बंगाल में और असम में ये तीसरे फेज का चुनाव है। इसके साथ ही असम में चुनाव पूरा हो जाएगा। वहीं तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आज एक फेज में ही चुनाव हो रहे हैं।

शाम साढ़े पांच बजे तक पांच राज्यों का मतदान प्रतिशत
असम – 78.94%
केरल – 69.95%
पुडुचेरी – 77.90%
तमिलनाडु – 63.47%
बंगाल – 77.68%

अपडेट्स

  • बंगाल के महलापारा में TMC कैंडिडेट सुजाता मंडल पर हमला हुआ है। TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने BJP पर हमले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हमले में सुजाता के सिक्योरिटी ऑफिसर को सिर में गंभीर चोट लगी है।
  • बंगाल के आमरबाग में TMC और BJP कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। इस बवाल के बाद TMC उम्मीदवार सुजाता मंडल ने CRPF पर लोगों को वोटिंग से रोकने का आरोप लगाया।
  • वहीं BJP ने आरोप लगाया है कि TMC के गुंडे दगीरा बादुलदंगा में लोगों को वोट नहीं डालने दे रहे। दक्षिण 24 परगना की डायमंड हार्बर सीट से BJP कैंडिडेट दीपर हलदर ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है।
  • BJP ने चेन्नई में DMK पर वोटर्स को पैसे बांटने का आरोप लगाया है। BJP कैंडिडेट खुशबू सुंदर ने बताया कि चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की गई है।
  • बंगाल के उलुबेड़िया में TMC नेता के घर से EVM और VVPAT मिली है। इस मामले में चुनाव आयोग ने 3 असिस्टेंट सेक्टर ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया है। इनमें तपन सरकार, मिथुन चक्रवर्ती और संजीब मजुमदार शामिल हैं। आयोग ने कहा है कि ये रिजर्व EVM और VVPAT थी, जिन्हें अब इलेक्शन प्रोसेस से हटा दिया गया है।

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Assembly Election 2021 Vidhan Sabha Chunav News Updates: Bengal, Assam, Tamilnadu, Puducherry And Kerala
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Chhattisgarh Naxal Attack: नक्सली हमले में 22 जवान शहीद, गृहमंत्री असम के चुनावी दौरे के कार्यक्रम में कटौती कर दिल्ली लौटे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले को देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम में अपना चुनावी दौरे के कार्यक्रमों में कटौती कर दिल्ली लौट आए हैं। मंगलवार को असम विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण से पहले, शाह को सरभोग, बभनीपुर और जलुकबाड़ी में तीन चुनावी रैलियों को संबोधित करना था, लेकिन वे केवल बारपेटा जिले के सरभोग में ही चुनावी सभा में भाग ले सके।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के केंद्रीय विकास मंत्री और असम में चुनावों के लिए भाजपा के सह-प्रभारी, जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, सरभोग में गृहमंत्री की रविवार की पहली असम रैली। इससे पहले उन्होंने अपनी यात्रा को छोटा कर दिया है और दो रैलियों में वह भाग नहीं लेंगे। वह छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले के कारण दिल्ली लौट आए हैं। सभास्थल पर समाज के विभिन्न धड़ों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए हैं। करीब 15 नक्सलियों के भी मारे जाने की खबर है। दरअसल, नक्सली कमांडर हिडमा के छिपे होने की जानकारी सुरक्षाबलों को मिली थी। जिसके बाद शुक्रवार शाम को सुरक्षाबलों ने बीजापुर और सुकमा बॉर्डर पर पड़ने वाले जोनागुडा इलाके में ऑपरेशन शुरू किया। लेकिन तभी नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को तीन तरफ से घरकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

नक्सलियों ने बुलेट से, नुकीले हथियारों से और देसी रॉकेट लॉन्चर से हमला किया। इस हमले में 200 से 300 नक्सली शामिल थे। जवानों के शहीद होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएम ने कहा, मेरी संवेदनाएं छत्तीसगढ़ में शहीद हुए जवानों के परिजनों के साथ हैं। वीर शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है। 

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Amit Shah Cancels Poll Campaign In Assam And Returns To Delhi In View Of Naxal Attack
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ममता बनर्जी बोलीं- इतना खराब प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और सरकार मैंने कभी नहीं देखी

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने रविवार को हुगली के फुरुशुरा में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह को देश का अब तक का सबसे खराब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बताया। सीपीआईएम और टीएमसी से बीजेपी में गए नेताओं पर भी ममता ने निशाना साधते हुए कहा कि हमारे कुछ मीर जाफर भी बीजेपी में चले गए हैं जिनके पास झूठ बोलने के अलावा कोई काम नहीं था।

क्या कहा ममता बनर्जी ने?
-भारतवर्ष में ऐसी सरकार मैंने पहले कभी नहीं देखी।

-मैं 7 बार सांसद रह चुकी हूं। मैंने बहुत सी सरकार देखी हैं।

-लेकिन इतना खराब प्रधानमंत्री और इतना खराब गृह मंत्री और इतनी खराब सरकार मैंने कभी नहीं देखी।

-जो सरकार में रहकर लोगों का कत्ल करते हैं और रोज झूठ बोलते हैं कि बंगाल में कोई परिवर्तन नहीं हुआ इसीलिए बंगाल में परिवर्तन की जरूरत है।

-अरे परिवर्तन नारा तो मेरा ही दिया हुआ है। मैं कहती हूं मैं खुद से जब तक नहीं जा रही हूं तब तक मुझे कोई नहीं हटा सकता।

-हमारे कुछ मीर जाफर भी बीजेपी में चले गए हैं जिनके पास झूठ बोलने के अलावा कोई काम नहीं था।

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West Bengal CM Mamata Banerjee dares PM Narendra Modi
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Assembly Election : बंगाल में गरजे PM, बोले- दीदी ने ताव में आकर नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला लिया, यह सबसे बड़ी गलती

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में रैली की। इस दौरान पीएम ने कहा कि इन दिनों TMC में मंथन चल रहा है। TMC में कुछ समझदार लोग कह रहे हैं कि दीदी (ममता बनर्जी) ने ताव में आकर नंदीग्राम में जाने का फैसला कर तो लिया हैं, लेकिन यह उनकी बहुत बड़ी गलती साबित हुई है।

पीएम ने कहा कि नंदीग्राम में दीदी की हार होते देख TMC के लोगों ने तय किया कि दीदी को दूसरी सीट से भी लड़ाया जाए। फिर समझदार लोगों ने दीदी से कहा कि यह उनकी दूसरी गलती होगी। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि दीदी 2 सीटों पर हारोगी तो TMC का भविष्य में चलना मुश्किल हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने सोनारपुर की रैली में कहा कि TMC अब कह रही है कि दीदी वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी। ये बयान आने के बाद दो बातें साफ हो जाती हैं। एक तो दीदी ने बंगाल में अपनी हार स्वीकार कर ली है। दूसरी बात-दीदी अब बंगाल के बाहर अपनों के लिए जगह तलाश करने में जुट गई हैं।

वाराणसी में तो आपको तिलक के साथ चोटी वाले भी मिलेंगे
PM ने रैली में TMC की सांसद महुआ मोइत्रा के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ममता बनर्जी अब वाराणसी से चुनाव लड़ेंगी। पीएम ने कहा कि अच्छा है विधानसभा में हारने के बाद लोकसभा में जरूर हाथ आजमाइए दीदी। यहां हल्दिया से वाराणसी का जो वाटर-वे है, हमारी सरकार ने विकसित किया है। हो सकता है उसकी वजह से आपका मन वाराणसी की ओर मुड़ गया हो। दीदी.. काशी वालों का दिल बहुत बड़ा है आपको टूरिस्ट गैंग नहीं कहेंगे। उन्होंने कहा कि दीदी वाराणसी में तो आपको तिलक के साथ चोटी वाले लोग भी मिलेंगे। 

यहां आप जय श्री राम के आह्वान से चिढ़ती हैं। वहां आपको हर-हर महादेव भी सुनने को मिलेगा। दीदी, ओ दीदी, फिर आप क्या करेंगी? मेरी आपसे एक ही प्रार्थना है, बनारस के लोगों पर, यूपी के लोगों पर गुस्सा मत करिएगा दीदी।  यूपी-बनारस के लोगों ने मुझे इतना प्यार दिया है, वो आपको भी बहुत स्नेह देंगे दीदी।

10 साल में कारखाने बंद हुए, रोजगार खत्म हुआ
मोदी ने ममता बनर्जी से पूछा कि इतनी कड़वाहट कहां से लाती हो। दीदी बंगाल के प्रतिभाशाली युवाओं में कड़वाहट घोल रही हैं। दीदी की बौखलाहट का एक बड़ा कारण उनके 10 साल के काम का रिपोर्ट कार्ड है। यहां पुरानी इंडस्ट्री बंद हो चुकी है, कारखाने बंद हो गए हैं, युवाओं के पास रोजगार नहीं है। हुगली सबसे बड़े कारखाने का केंद्र रहा है, लेकिन आज क्या हालत हो गई है। पहले देश के कई राज्यों से लोग बंगाल की फैक्ट्रियों में काम करने आते थे। आज यहां के लोग दूसरे राज्यों में जाकर काम करने को मजबूर हैं।

मोदी ने सभा में किसान कार्ड खेला
मोदी ने कहा कि हुगली का आलू बड़ी तादाद में हर साल इसलिए खराब हो जाता है, क्योंकि दीदी ने पर्याप्त संख्या में कोल्ड स्टोरेज नहीं बनाए हैं। जो कोल्ड स्टोरेज हैं भी, वो सिंडिकेट चला रहे हैं। यहां के किसान औने-पौने दाम पर आलू बेचने को मजबूर हैं। 2 मई को भाजपा की सरकार बनने के बाद सबसे पहले किसानों के हित में फैसला होगा। कैबिनेट का पहला फैसला यहां के किसानों को सहायता राशि देना होगा। ममता बनर्जी ने जो पैसे नहीं देने दिए हैं, वो सरकार बनते ही बांटे जाएंगे। हर किसान को 18 हजार रुपए मिलेंगे। मैं चाहता हूं कि दुर्गा पूजा से पहले ये पैसा किसानों के खाते में पहुंच जाना चाहिए।

दीदी बंगाल में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने की अनुमति नहीं दे रही हैं
केंद्र सरकार, महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों की जल्द सुनवाई के लिए देश भर में एक हजार से ज्यादा फास्ट ट्रैक कोर्ट बनवा रही है। लेकिन यहां दीदी की सरकार ने इसकी स्वीकृति ही नहीं दी है।

पश्चिम बंगाल में इलाज में कटमनी चलता है
आज गरीब से गरीब को इलाज पर कम से कम खर्च करना पड़े, इसके लिए हर संभव कोशिश केंद्र सरकार कर रही है। लेकिन पश्चिम बंगाल में इलाज में भी कटमनी चलता है। यही वजह है कि दीदी की सरकार आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के बाद वापस हट गई।

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PM said Didi decided to contest elections from Nandigram in Taw, this is the biggest mistake
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